Friday, March 29, 2013

रॉबर्ट वाड्रा का 'जमीनी खेल'

राजस्थान में रॉबर्ट वाड्रा का 'जमीनी खेल'
हरियाणा के बाद अब राजस्थान में जमीन का खेल सामने आया है. रॉबर्ट वाड्रा पर आरोप है कि राजस्थान के बीकानेर जिले में जमीन खरीदने के लिए उन्होंने कानून तोड़ा. रॉबर्ट वाड्रा की जमीन खरीद का मसला इसलिए गंभीर सवाल उठाता है कि राजस्थान सरकार ने भूमि कानून तक बदल दिया. क्या औने-पौने दाम पर खरीदी जमीन से मोटा मुनाफा कमा लेना वाड्रा की अच्छी किस्मत है या फिर सरकार से मिली जानकारी ने उनकी किस्मत चमका दी.
राजस्थान के बीकानेर जिले में बंजर जमीन से रॉबर्ट वाड्रा को फायदा पहुंचा. भले ही रॉबर्ट वाड्रा ने लैंड सीलिंग एक्टर में संशोधन से ठीक पहले सैकड़ों एकड़ जमीन खरीदी हो, लेकिन आज तक ने उन चार लेन-देन के मामले को उजागर किया है, जिसमें 321.78 एकड़ जमीन ली गयी, जबकि इजाजत तो सिर्फ 175 एकड़ जमीन रखने की ही है.

सितंबर 2010 से पहले 321.8 एकड़ जमीन खरीदी गयी. राजस्थान लैंड सीलिंग एक्ट के तहत सितंबर 2010 से पहले 175 एकड़ अधिकतम जमीन रखने की इजाजत थी. बीकानेर जिले के कोयालत इलाके के बस्ती चौनन गांव में वाड्रा के फ्रंटमैन महेश नागर ने 2009 में 218 एकड़ जमीन खरीदी. नागर ने ही बीकानेर के कोलायत इलाके में रॉबर्ट वाड्रा के लिए सारे डील किये. 9 अप्रैल, 2009 को रीयल अर्थ इस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड की तरफ से महेश नागर ने 218 एकड़ जमीन खरीदी. नागर का वाड्रा का रिश्ता यह था कि वह रीयल अर्थ प्राइवेट लिमिटेड का डायरेक्टर था. विक्रेता अविजीत एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के विनीत असोपा रहे. जमीन का खसरा नंबर 58, 63 है.

4 जून 2009 को वाड्रा ने गजनेर गांव में 36 एकड़ से ज्यादा जमीन खरीदी. लैंड डील दस्तावेजों से यहां पता चलता है कि महेश नागर ने ब्लू ब्रीज़ प्राइवेट ट्रेडिंग लिमिटेड की तरफ से ये जमीन खरीदी थी. इस कंपनी में वाड्रा का नाम बतौर डायरेक्टर है. इसमें ब्लू ब्रीज़ प्राइवेट ट्रेडिंग लिमिटेड की तरफ से महेश नागर ने 36.87 एकड़ जमीन खरीदी. यहां वाड्रा से नागर का रिश्ता था कि वह ब्लू ब्रीज़ प्राइवेट ट्रेडिंग लिमिटेड का डायरेक्टर था. जमीन का खसरा नंबर 657/445 था.

12 जून 2009 को वाड्रा ने गजनेर गांव में ही और 39 एकड़ जमीन ले ली. महेश नागर ने ब्लू ब्रीज़ ट्रेडिंग की तरफ से ये जमीन खरीदी. खसरा नंबर 660/445 है. लेकिन नागर तो सिर्फ दस्तखत करने के लिए अधिकृत था, ना कि वो जमीन का मालिक. लैंड डील में रीयल अर्थ और ब्लू ब्रीज नाम की जिन दो कंपनियों की वो नुमाइंदगी कर रहा था, उसमें बड़ा स्टेकहोल्डर रॉबर्ट वाड्रा हैं.

मसलन, रीयल अर्थ में वाड्रा के पास 99 फीसदी इक्विटी है, जबकि बाकी एक फीसदी इक्विटी उनकी मां मौरीन के पास है. कॉर्पोरेट अफेयर्स मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक, ब्लू ब्रीज ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड में सिर्फ दो शेयरहोल्डर्स हैं- रॉबर्ट और उनकी मां मौरीन. कंपनी के असली मालिक वाड्रा हैं. रीयल अर्थ में बड़ा हिस्सा रॉबर्ट वाड्रा (99%) के नाम है. उनकी मां मौरीन वाड्रा के पास 1% है.

आजतक के पास एमएस रीयल अर्थ इस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से जारी चेक की कॉपी है, जिसपर रॉबर्ट वाड्रा के दस्तखत हैं. जमीन खरीदने के लिए दिए गये ये चेक साबित करते हैं कि अपने फ्रंटमैन महेश नागर के जरिए सारा काम वाड्रा करा रहे थे.

9 अप्रैल 2009 को अविजीत एग्रो (मालिक विनीत असोपा) को 91,50,000 रुपये की रकम चुकायी गयी. चेक नंबर था 759382 और इस पर रॉबर्ट वाड्रा के साइन थे. 9 अप्रैल 2009 को ही सरिता बोथरा (विनीत असोपा के पास वाले प्लॉट की मालकिन) को चेक नंबर 759384 के जरिए 8,50,000 रकम दी गई. इस पर भी वाड्रा के ही साइन थे.

आजतक ने फरीदाबाद तक रॉबर्ट वाड्रा के फ्रंटमैन महेश नागर की तलाश की. पहले तो उन्होंने आजतक से बातचीत करने का वादा किया, लेकिन बाद में मुकर गए.

ये लेनदेन राजस्थान इंपोजीशन ऑफ सीलिंग ऑन एग्रिकल्चरल होल्डिंग्स एक्ट, 1973 का साफ-साफ उल्लंघन है. क्योंकि वाड्रा ने अप्रैल 2009 में 175 एकड़ जमीन रखने की अधिकतम सीमा को पार किया.

वाड्रा ने अप्रैल 2009 और अगस्त 2010 के बीच 321 एकड़ से ज्यादा जमीन खरीदी. ये राजस्थान इंपोजीशन ऑफ सीलिंग ऑन एग्रिकल्चरल होल्डिंग्स एक्ट, 1973 का उल्लंघन था. रेगिस्तानी और अर्ध रेगिस्तानी इलाकों में वाड्रा के लिए लैंड सीलिंग को अधिकतम सीमा तक खींचा गया. कानून के मुताबिक, रेगिस्तानी और अर्ध रेगिस्तानी इलाकों में 125 से 175 एकड़ जमीन रखने की इजाजत है.

अशोक गहलोत सरकार दो मायने में गुनहगार नजर आती है. पहले जब 2009 में वाड्रा राजस्थान में जमीन खरीद रहे थे, तब उसे नजरअंदाज कर दिया. और अब जमीन खरीद ली, तब जमीन एक्ट में संशोधन करके उसे कानूनी तौर पर वैधता दे दी.

वाड्रा के लिए बदला कानून?
सितंबर 2010 में राज्य सरकार ने तीन दशक से भी ज्यादा पुराने कानून में संशोधन किया. साथ ही जमीन पर सीलिंग भी खत्म कर दी. संशोधन में सभी पुराने अधिग्रहण को सही ठहराने के लिए जरूरी नियम जोड़ दिये गये, ताकि उस इलाके में वाड्रा ज्यादा से ज्यादा जमीन खरीद सकें.

जहां वाड्रा के उल्लंघन को कानूनी जामा पहनाने के लिए कांग्रेस शासित राज्य सरकार ने लैंड सीलिंग एक्ट में बदलाव कर दिया, वही करीब तीन साल तक वो सोलर पॉलिसी पर भी बैठी रही। ये वो दौर था, जब वाड्रा ने इस इलाके में बड़ा लैंड बैंक तैयार कर लिया.

यू लगा बंजर जमीन पर जैकपॉट
अप्रैल 2009- वाड्रा ने कोलायत इलाके में जमीन खरीदनी शुरू की.
नवंबर 2009- केंद्र का जवाहरलाल नेहरू नेशनल सोलर मिशन शुरू.
2009- सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए केंद्र का राज्यों को लैंड बैंक बनाने का निर्देश.
2009 से 2011 के बीच वाड्रा ने सैकड़ों एकड़ जमीन खरीद ली.
अप्रैल 2011- राजस्थान सरकार की सोलर पॉलिसी शुरू.
जहां सोलर प्रोजेक्ट्स का प्रस्ताव आया, वहां की बंजर जमीन भी महंगी हो गयी.

और यहीं से वो कहानी शुरु होती है कि कैसे बीकानेर में वाड्रा ने मोटा मुनाफा कमाया. उन्होंने बीकानेर के कोलायत इलाके में 81.35 एकड़ जमीन खरीदकर बाद में छह गुने दाम पर सोलर पॉवर प्रोजेक्ट शुरू करने वाली इंडो-फ्रेंच कंपनी फोनरॉक सारस (Fonroche Saaras) को बेच दी. सिर्फ इसी एक ट्रांजैक्शन से वाड्रा ने 612 फीसदी लाभ कमाया. दो साल के भीतर जमीन की कीमत छह गुना बढ़ गयी.

ब्यौरा-
तारीख- 24-03-2010
खसरा नंबर- 452, 450, 461, 462
गांव- गजनेर
क्षेत्र- 81.3 एकड़
कीमत- रुपये 28 लाख
खरीदार- प्रफुल्ल दहिया की तरफ से महेश नागर
कंपनी- स्काइलाइट रियल्टी
बेचा गया- फोनरॉक सारस के प्रमोद राजू
तारीख-23-05-2012
जमीन की कीमत- 1.99 करोड़
फायदा- 1.7 करोड़

4 जून 2009 को गजनेर में वाड्रा के फ्रंटमैन महेश नागर ने 37.29 एकड़ जमीन खरीदी. फिर उसे तीन साल में ही ग्यारह गुना से भी ज्यादा दाम पर इंडो-फ्रेंच कंपनी फोनरॉक सारस एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड को बेच दिया.

ब्यौरा-
तारीख- 4 जून, 2009
खसरा नंबर-657/445
गांव- गजनेर
क्षेत्र- 37.3 एकड़
कीमत- 8.7 लाख रुपये
खरीदार- महेश नागर
कंपनी- ब्लू ब्रीज़ ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड
बेचा गया- फोनरॉक सारस एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड
तारीख- 23 मई, 2012
बेचने की कीमत- 1,01,62,599 रुपये
लाभ- 92.9 लाख रुपये (खरीद दाम से 11गुना ज्यादा)

4 जून 2009 को वाड्रा के फ्रंटमैन ने एक बार फिर गजनेर गांव में ही 27.5 एकड़ जमीन खरीदी और उसे छह गुने दाम पर बेच दिया. उन्होंने 13 लाख से कुछ ज्यादा दाम पर जमीन खरीदकर 75 लाख से ज्यादा कीमतपर पर फोनरॉक राजहंस को बेच दिया.

ब्यौरा-
तारीख- 4 जून, 2009
खसरा नंबर-658/445
गांव- गजनेर
क्षेत्र- 27.5 एकड़
कीमत- 13.2 लाख रुपये
खरीदार- महेश नागर
कंपनी- ब्लू ब्रीज़ ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड
बेचा गया- फोनरॉक राजहंस प्राइवेट लिमिटेड
तारीख- 23 मई, 2012
बेचने की कीमत- 75 लाख रुपये
लाभ- 62लाख रुपये (खरीद दाम से 6गुना ज्यादा)

2009 से 2011 के बीच लैंड बैंक बनाने के केंद्र के निर्देश पर राज्य सरकार बैठी रही.

-राज्य सरकार की काहिली ने वाड्रा को सोलर केंद्रों के आस-पास लैंड बैंक बनाने में मदद की.
-बीकानेर क्षेत्र में सोलर केंद्रों की जानकारी सिर्फ राज्य सरकार और केंद्र को थी.
-राज्य के सोलर पॉलिसी में रियायती दर पर जमीन मुहैया कराने का प्रावधान था.
-राज्य सरकार ने रियायती दर पर जमीन बेचने का प्रस्ताव रखा, मगर राज्य सरकार की अधिग्रहित जमीन को खरीदने कोई नहीं आया.
-इसकी वजह सरकार की अधिग्रहित जमीन का ट्रांसमिशन हब्स से दूरी थी.

इसलिए कुछ बड़े सवाल खड़े होते हैं-

-क्या मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीकानेर में जमीन खरीदने के लिए वाड्रा से साठ-गांठ की.
-क्या राज्य सरकार ने लैंड सीलिंग एक्ट में बदलाव इसलिए किया ताकि तय सीमा से ज्यादा जमीन खरीदने वाले वा़ड्रा का सौदा कानूनन जायज हो सके.
-क्या जमीन खरीदने से पहले ही वाड्रा को उस इलाके में सोलर पॉवर प्रोजेक्ट्स आने की जानकारी मिल गयी थी.
-तीन साल में सरकार लैंड बैंक बनाने में क्यों नाकाम रही.

वाड्रा के मुद्दे पर आज बीजेपी ने संसद में हंगामा किया. आरोप लगाया जा रहा है कि कांग्रेस सरकारों ने जानबूझकर गड़बड़ी की. वहीं कांग्रेस किसी भी अनियमितता से इनकार कर रही है.

Monday, February 4, 2013

शर्म करो धर्मनिरपेक्षी हिंदुओं !!!


मैं उस दोगले विचार वाले हिंदू से पूछना चाहता हूँ कि जब अपने भाई से बँटवारे के बाद अपने सगे भाई के किसी जरूरत को पूरा करने का दायित्व निभाना नहीं चाहते हो तो आखिर एक मुस्लिम के लिए अपने जुबान से भाईचारा की बात क्यों करते हो!
मुस्लिम जो खुद का सगा नहीं है वो तुम्हारा क्या होगा..
कुबुद्धिजीवी लोग क्यों हिंदू-मुस्लिम एकता की बात करते हैं, क्यों हिंदू-मुस्लिम भाई भाई और गंगा जमनी तहजीब की बात करते हैं........जबकियह दूर दूर तक संभव ही नहीं है.!
जब भाई भाई थे तो पाकिस्तान क्यों बना ?
जब भाई भाई थे तो कश्मीरी पंडितों का पलायन और नरसंहार क्यों हुआ?
क्या कभी सूरज और चाँद एक हो सकते हैं ?
क्या कभी गाय को माता मानने वाले और दूसरी तरफ गाय का क़त्ल करने वालों में एकता हो सकती है ?
इस्लाम के अतिरिक्त हर धर्म के उपासक को काफिर मानने वालों से एकता हो सकती है ?
भारत माता के लिए सिर कटाने वाले और भारत माता को डायन कहने वाले के बीच एकता हो सकती है ?
हिंदू भाइयों मान लो इस बात को जो संभव ही नहीं है.
शर्म करो धर्मनिरपेक्षी हिंदुओं !!!

साध्वी प्रज्ञा के साथ अन्याय कब तक ??


साध्वी प्रज्ञा के साथ अन्याय कब तक ??
कब तक ऐसा चलेगा ? कब तक साध्वी को जुल्म सहना पड़ेगा ? क्यों जुल्म सहना पड़ेगा ?
हिन्दू है इसलिए ? हिन्दू होने की सजा कब तक मिलेगी ?
आज आप खुद देखे एक तरह किसी को बिरयानी और कबाब मिल रहा है तो किसी को मानवीय यातनाये दी जा रही है !
साध्वी प्रज्ञा के बारे में सिर्फ इतना ही कहना चाहूँगा की एक “धर्मनिरपेक्ष” देश में तुम इसी सलूक के लायक हो, क्योंकि हमारा देश एक “सेकुलर राष्ट्र” कहलाता है। साध्वी प्रज्ञा, तुम पर मालेगाँव बम विस्फ़ोट का आरोप है…। ब्रेन मैपिंग, नार्को टेस्ट सहित कई तरीके आजमाने के बावजूद, बम विस्फ़ोट में उनकी मोटरसाइकिल का उपयोग होने के अलावा अभी तक पुलिस को कोई बड़ा सबूत हाथ नहीं लगा है, इसके बावजूद तुम पर “मकोका” लगाकर जेल में ठूंस रखा है और एक महिला होने पर भी आप जिस तरह खून के आँसू रो रही हैं… यह तो होना ही था।
हिन्दू मर चुके है ....एकता नहीं है....शांत हो चुके है ....
सेकुलर देश में साध्वी के साथ अमानवीय व्यवहार कर के पुरे विश्व को सन्देश दिया जा रहा है सेकुलिरिज्म का !

Monday, May 28, 2012

यहां कुछ हेल्दी टिप्स दिए जा रहे हैं, जो आपको आकर्षक और चुस्त दिखने में मदद करेंगे। हमेशा याद रखें कि बचाव इलाज से ज्यादा महत्वपूर्ण है। 

गाजर + अदरक + सेब= विटमिन ए से भरपूर होने के कारण ऊर्जा का स्त्रोत है तथा हमारे सिस्टम को दुरुस्त रखने में मदद करता है।

सेब + खीरा + सेलेरी= फाइटोकेमिकल्स होने के कारण कैंसर से बचाता है, कोलेस्ट्रॉल को कम करता है, खीरा होने से त्वचा के लिए लाभकारी है।

टमाटर + गाजर + सेब=  टमाटर लाइकोपीन से युक्त होने के कारण त्वचा की चमक बढ़ाता है तथा कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है।

सेब + दूध= विटमिन सी और ई होने के कारण इम्यून सिस्टम तथा पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है। कैल्शियम होने के कारण हड्डियों के लिए फायदेमंद है।

संतरा + अदरक + खीरा= त्वचा की कांति और मॉयश्चर (नमी) को बढ़ाता है तथा विटमिन सी से भरपूर होने के कारण कोल्ड एंड कफ को नियंत्रित करता है।

अनानास + सेब + तरबूज= शरीर से अधिक सॉल्ट को कम कर ब्लैडर और किडनी के लिए फायदेमंद होता है।

सेब + खीरा + किवी= त्वचा को गोरा बनाने में मददगार है।

गाजर + सेब + नाशपाती + आम= शरीर की गरमी और टॉक्सिन को बाहर निकालने तथा ब्लड प्रेशर को कम करने में सहयोगी है।

खरबूजा+ अंगूर + तरबूज + दूध= विटमिन सी और बी 2 से भरपूर इम्यून सिस्टम को मजबूती देता है।

पपीता + अनानास + दूध= विटमिन सी, ई, आयरन त्वचा को चमक देने के लिए और मेटाबॉलिज्म को मजबूती देने में मदद करता है।

केला + अनानास + दूध= विटमिन से भरपूर और पोषक होने के कारण पाचन संबंधी कमियां दूर करने में कारगर है।

Tuesday, May 22, 2012

मैं उस दोगले विचार वाले हिंदू से पूछना चाहता हूँ कि जब अपने भाई से बँटवारे के बाद अपने सगे भाई के किसी जरूरत को पूरा करने का दायित्व निभाना नहीं चाहते हो तो आखिर एक मुस्लिम के लिए अपने जुबान से भाईचारा की बात क्यों करते हो!!

तुम मत विरोध करो मुस्लिमों को अपनी कायरता को चुप रहकर भी हिंदुत्व से वफादारी निभा सकते हो परंतु गाँधी जैसे कुछ दोहरे विचार वाले को सम्मान पाते देख हर कायर हिंदु खुद को इंसान साबित करने के लिए अपनी माँ बहन को जोधा बनाने को व्याकुल है..

मुस्लिम जो खुद का सगा नहीं है वो तुम्हारा क्या होगा..
नहीं जानते हो तो जानो गणेश शंकर विद्यार्थी जी को भी धर्मनिरपेक्षता के कुत्ते ने काटा था,
बस मौत का साधन मुस्लिम बना था !
शर्म करो धर्मनिरपेक्षी हिंदुओं !!!

कुबुद्धिजीवी लोग क्यों हिंदू-मुस्लिम एकता की बात करते हैं, क्यों हिंदू-मुस्लिम भाई भाई और गंगा जमनी तहजीब की बात करते हैं........जबकियह दूर दूर तक संभव ही नहीं है.

जब भाई भाई थे तो पाकिस्तान क्यों बना ?

जब भाई भाई थे तो कश्मीरी पंडितों का पलायन और नरसंहार क्यों हुआ?

क्या कभी सूरज और चाँद एक हो सकते हैं ?

क्या कभी गाय को माता मानने वाले और दूसरी तरफ गाय का क़त्ल करने वालों में एकता हो सकती है ?

इस्लाम के अतिरिक्त हर धर्म के उपासक को काफिर मानने वालों से एकता हो सकती है ?

राम और चाणक्य के वंशज और लादेन के उपासक क्या एक हो सकते हैं ?

भारत के वंशज जिसके राष्ट्र ने पिछले १० हजार साल में किसी राष्ट्र पर आक्रमण नहीं किया और और इस्लाम जिसके संस्थापक ही लूटपाट, आतंकवाद, धार्मिक कट्टरता, और निर्दोष लोगों के क़त्ल के हिमायती हैं, उनके मध्य एकता हो सकती है ?

हिंदू धर्म जिसमें जीवन का लक्ष्य मोक्ष होता है...........इस्लाम मरने के बाद भी जन्नत की हूरों के साथ संसर्ग और शराब की नदियों में गोता लगाना होता है, के बीच में एकता हो सकती है ?

भारत माता के लिए सिर कटाने वाले और भारत माता को डायन कहने वाले के बीच एकता हो सकती है ?

इस देश का खाते हैं और कसीदे अरब मुल्कों के पढते हैं, के साथ एकता हो सकती है ?
-----------------------------------------------------------------------------------------------
हिंदू भाइयों मान लो इस बात को जो संभव ही नहीं है.
शर्म करो धर्मनिरपेक्षी हिंदुओं !!!

(रूपेश मणि सिंह

Wednesday, March 21, 2012

सांप्रदायिक ?


श्रीराम सेना, आर एस एस - सांप्रदायिक
हूजी, सिमी- ????

टोपी - सेकुलर
तिलक - सांप्रदायिक ?
...
मंदिर : सांप्रदायिक
मस्जिद, चर्च - सेकुलर ?

गोधरा हत्याकांड - एक हादसा
उस पर प्रतिकृया - सांप्रदायिकता ?

बाबर की मस्जिद - सेकुलरता का प्रतीक
राम मंदिर आंदोलन - सांप्रदायिकता ?

राणा प्रताप - पर कोई फिल्म नहीं
अकबर - पर जोधा अकबर महान ?

भगत सिंह, वीर सावरकर- आतंकवादी
गांधी- ????

आसाराम बापू - हत्यारा
जॉन दयाल बिशप - महात्मा ?

इमाम : सेकुलर
मोदी : सांप्रदायिक ?

दारा सिंह - हत्यारा, हिन्दू सांप्रदायिक
मिशनरी - लोभ लालच देकर, बलात धर्म परिवर्तन आजादी ?

गुजरात दंगे - हिन्दू आतंकवाद
कश्मीरी हिन्दूओ का नरसंहार - ?

प्रज्ञा सिंह ठाकुर - हिन्दू आतंकवाद
अफजल, कसाब, मदनी - ???

Friday, March 16, 2012

aaruvedik dohe

1.जहाँ कहीं भी आपको,काँटा कोइ लग जाय। दूधी पीस लगाइये, काँटा बाहर आय।।

2.मिश्री कत्था तनिक सा,चूसें मुँह में डाल। मुँह में छाले हों अगर,दूर होंय तत्काल।।

3.पौदीना औ इलायची, लीजै दो-दो ग्राम। खायें उसे उबाल कर, उल्टी से आराम।।

4.छिलका लेंय इलायची,दो या तीन गिराम। सिर दर्द मुँह सूजना, लगा होय आराम।।

5.अण्डी पत्ता वृंत पर, चुना तनिक मिलाय। बार-बार तिल पर घिसे,तिल बाहर आ जाय।।

6.गाजर का रस पीजिये, आवश्कतानुसार। सभी जगह उपलब्ध यह,दूर करे अतिसार।।

7.खट्टा दामिड़ रस, दही,गाजर शाक पकाय। दूर करेगा अर्श को,जो भी इसको खाय।।

8.रस अनार की कली का,नाकबूँद दो डाल। खून बहे जो नाक से, बंद होय तत्काल।।

9.भून मुनक्का शुद्ध घी,सैंधा नमक मिलाय। चक्कर आना बंद हों,जो भी इसको खाय।।

10.मूली की शाखों का रस,ले निकाल सौ ग्राम। तीन बार दिन में पियें,पथरी से आराम।।

11.दो चम्मच रस प्याज की,मिश्री सँग पी जाय। पथरी केवल बीस दिन,में गल बाहर जाय।।

12.आधा कप अंगूर रस, केसर जरा मिलाय। पथरी से आराम हो, रोगी प्रतिदिन खाय।।

13.सदा करेला रस पिये,सुबहा हो औ शाम। दो चम्मच की मात्रा, पथरी से आराम।।

14.एक डेढ़ अनुपात कप, पालक रस चौलाइ। चीनी सँग लें बीस दिन,पथरी दे न दिखाइ।।

15.खीरे का रस लीजिये,कुछ दिन तीस ग्राम। लगातार सेवन करें, पथरी से आराम।।

16.बैगन भुर्ता बीज बिन,पन्द्रह दिन गर खाय। गल-गल करके आपकी,पथरी बाहर आय।।

17.लेकर कुलथी दाल को,पतली मगर बनाय। इसको नियमित खाय तो,पथरी बाहर आय।।

18.दामिड़(अनार) छिलका सुखाकर,पीसे चूर बनाय। सुबह-शाम जल डालकम, पी मुँह बदबू जाय।।

19. चूना घी और शहद को, ले सम भाग मिलाय। बिच्छू को विष दूर हो, इसको यदि लगाय।।

20. गरम नीर को कीजिये, उसमें शहद मिलाय। तीन बार दिन लीजिये, तो जुकाम मिट जाय।।

21. अदरक रस मधु(शहद) भाग सम, करें अगर उपयोग। दूर आपसे होयगा, कफ औ खाँसी रोग।।

22. ताजे तुलसी-पत्र का, पीजे रस दस ग्राम। पेट दर्द से पायँगे, कुछ पल का आराम।।

23.बहुत सहज उपचार है, यदि आग जल जाय। मींगी पीस कपास की, फौरन जले लगाय।।

24.रुई जलाकर भस्म कर, वहाँ करें भुरकाव। जल्दी ही आराम हो, होय जहाँ पर घाव।।

25.नीम-पत्र के चूर्ण मैं, अजवायन इक ग्राम। गुण संग पीजै पेट के, कीड़ों से आराम।।

26.दो-दो चम्मच शहद औ, रस ले नीम का पात। रोग पीलिया दूर हो, उठे पिये जो प्रात।।

27.मिश्री के संग पीजिये, रस ये पत्ते नीम। पेंचिश के ये रोग में, काम न कोई हकीम।।

28.हरड बहेडा आँवला चौथी नीम गिलोय, पंचम जीरा डालकर सुमिरन काया होय॥

29.सावन में गुड खावै, सो मौहर बराबर पावै॥

by: Dhruv sahni ji.